उत्तराखंड : हरिद्वार में अर्धकुंभ स्नान की तिथियां तय..सीएम धामी ने गंगा तट पर सभी 13 अखाड़ों के संतों संग की विशेष बैठक..
Oplus_16908288
अर्धकुंभ 2027 को दिव्य-भव्य बनाने की तैयारी तेज: धामी..

हरिद्वार : हरिद्वार में होने वाले अर्धकुंभ 2027 के भव्य आयोजन की तैयारियों को गति देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को गंगा तट पर पहली बार आयोजित विशेष बैठक में सभी 13 अखाड़ों के आचार्यों व संतों से विस्तृत परामर्श किया। इस ऐतिहासिक बैठक में मुख्यमंत्री ने अर्धकुंभ स्नान की मुख्य तिथियों की आधिकारिक घोषणा भी की..
हरिद्वार में 2027 अर्धकुंभ को कुंभ स्वरूप देने की कवायद ने रफ्तार पकड़ ली है। जहां मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की योजना पर काम शुरू है, वहीं अखाड़ों के शाही स्नान को सुचारू बनाने के लिए संतों और अधिकारियों ने अहम चर्चा की। अखाड़ों में चल रही रार के बीच आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं पहुंचे। उन्होंने सभी 13 अखाड़ों के साधु-संतों का सम्मान करते हुए तैयारियों की दिशा-रेखा तय की। कुंभ हरिद्वार कार्यक्रम के लिए विशेष पंडाल भी तैयार किया गया..
कुंभ 2027 स्नान की घोषित तिथियाँ
14 जनवरी 2027 – मकर संक्रांति
06 फरवरी 2027 – मौनी अमावस्या
11 फरवरी 2027 – वसंत पंचमी
20 फरवरी 2027 – माघ पूर्णिमा
06 मार्च 2027 – महाशिवरात्रि (अमृत स्नान)
08 मार्च 2027 – फाल्गुन अमावस्या (अमृत स्नान)
07 अप्रैल 2027 – नव संवत्सर
14 अप्रैल 2027 – मेष संक्रांति (अमृत स्नान)
15 अप्रैल 2027 – श्रीराम नवमी
20 अप्रैल 2027 – चैत्र पूर्णिमा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संत परंपराओं और सुविधाओं को प्राथमिकता में रखते हुए अर्धकुंभ की तैयारी की जाएंगी। उन्होंने संत समुदाय से मार्गदर्शन प्राप्त करते हुए कहा कि उनके सुझावों के बिना इतने विशाल आयोजन की कल्पना भी संभव नहीं है..
‘कुंभ 2027 होगा ऐतिहासिक’: मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लक्ष्य के साथ कुंभ 2027 को दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक रूप देने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है..
उन्होंने बताया कि 2021 का कुंभ कोरोना महामारी के कारण सीमित रूप में आयोजित हुआ था, इसलिए 2027 का अर्धकुंभ श्रद्धालुओं की संख्या और प्रबंधन—दोनों दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण होगा..
भीड़ नियंत्रण से सुरक्षा तक—व्यापक तैयारी शुरू
मुख्यमंत्री ने बताया कि भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, आपदा एवं आकस्मिक स्थिति प्रबंधन, कचरा प्रबंधन व स्वच्छता, राज्य व केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय पर अभी से उच्च स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस, एनडीआरएफ, पीएसी, स्वास्थ्य व फायर विभाग सभी सुरक्षा पहलुओं पर संयुक्त रूप से तैयारी कर रहे हैं..
संत समाज ने की सराहना, दिया पूर्ण सहयोग का आश्वासन
बैठक में उपस्थित अखाड़ों के आचार्य-संतगणों ने संस्कृति संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की और कुंभ 2027 के लिए राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने सभी संतों के साथ भोजन भी किया..
बैठक में 13 अखाड़ों के श्रीमहंत व संतगण उपस्थित रहे। इसके अलावा सांसद कल्पना सैनी, विधायक मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक प्रदीप बत्रा, हरिद्वार व रुड़की की महापौर, प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, आईजी राजीव स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
