Categories

11.February.2026

राजधानी देहरादून में बना राज्य का पहला दिव्यांगजन केंद्र..एक ही छत के नीचे मिलेगा सभी सुविधाओं का लाभ..

Oplus_16908288

राजधानी: देहरादून के गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में बुधवार को उत्तराखंड का पहला जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (DDRC) विधिवत शुरू हो गया। यह केंद्र दिव्यांगजनों को एक ही छत के नीचे फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, दिव्यांग प्रमाण पत्र और कृत्रिम अंग जैसी सभी जरूरी सुविधाएं प्रदान करेगा..

सशक्त दिव्यांग, सशक्त समाज की दिशा में महत्वपूर्ण पहल..

महापौर सौरभ थपलियाल ने उद्घाटन अवसर पर इस केंद्र को एक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह दिव्यांगजनों के जीवन को आसान और समृद्ध बनाएगा। उन्होंने केंद्र की हेल्पलाइन नंबर 8077386815 का अनावरण किया और दिव्यांग अनिल कुमार ढौंडियाल और नीरज बिष्ट को कान की मशीन प्रदान की..

विधायक खजानदास ने प्रधानमंत्री द्वारा ‘विकलांग’ शब्द को ‘दिव्यांग’ से बदलने के निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह केंद्र दिव्यांगजनों को आत्मगौरव और सम्मान देगा। उन्होंने जिला प्रशासन को इस पहल के लिए बधाई दी और उम्मीद जताई कि भविष्य में यहां और भी आधुनिक सुविधाएं जोड़ी जाएंगी..

 

जिलाधिकारी ने दी केंद्र की सेवाओं की जानकारी.

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि समाज में लगभग 20 प्रतिशत आबादी किसी न किसी रूप में दिव्यांगता से प्रभावित है। उन्होंने बताया कि केंद्र में दिव्यांग प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड, आधार कार्ड, फिजियोथेरेपी, इलाज और कृत्रिम अंग के साथ-साथ रोजगार प्रशिक्षण जैसी सेवाएं भी दी जाएंगी। इसके अलावा, दिव्यांगजनों के आने-जाने के लिए एक विशेष वाहन भी उपलब्ध कराया गया है..

केंद्र का संचालन और विशेषज्ञ सेवाएं..

केंद्र का संचालन मुनीशाभा सेवा सदन और पुनर्वास संस्थान द्वारा समाज कल्याण विभाग की निगरानी में किया जाएगा। केंद्र भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार दिव्यांगजनों के लिए समग्र पुनर्वास सुनिश्चित करेगा। इसमें चिकित्सकीय मूल्यांकन से लेकर सहायक उपकरण वितरण, कौशल विकास प्रशिक्षण और स्वरोजगार से जोड़ने तक की सेवाएं शामिल होंगी..

यह भी पढ़ें 👉  Pay Attention: 19 जून से 21 जून तक राजपुर रोड़ राष्ट्रपति निकेतन के चारों ओर “SILENT ZONE ” घोषित...उल्लंघन करने पर दंडनीय कार्यवाही..

केंद्र में फिजियोथेरेपिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट और काउंसलर जैसी विशेषज्ञ सेवाएं मौजूद रहेंगी। यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की समावेशी सेवा नीति को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है..

A photo

कमल सिंह चौधरी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *