Categories

11.February.2026

फूलों की घाटी में बढ़ रही, सैलनियों की संख्या..ब्लू पॉपी कर रहा पर्यटकों को आकर्षित..

विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी में लगातार सैलानियों की संख्या में इजाफा हो रहा है , ब्लू पॉपी कर रहा पर्यटकों को आकर्षित..

उत्तराखंड: विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी इन दिनों पर्यटकों से गुलजार है। मानसून के आगमन के साथ ही घाटी में विभिन्न प्रजातियों के रंग-बिरंगे फूल खिल उठे हैं, जो देशी ही नहीं, विदेशी पर्यटकों को भी खासा आकर्षित कर रहे हैं। वन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में अब तक 3,428 पर्यटक फूलों की घाटी का दीदार कर चुके हैं, जिनमें 52 विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार विदेशी सैलानियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फूलों की घाटी में इस समय ब्राह्मकमल, ब्लू पॉपी, प्रिमुला, एनीमोन, जिरनियम जैसी दुर्लभ प्रजातियों के फूल खिले हुए हैं। घाटी की नैसर्गिक सुंदरता और शांति पर्यटकों के बीच इसे एक खास गंतव्य बना देती है। वन अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे घाटी की जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने में सहयोग करें और निर्धारित नियमों का पालन करें।

रंग-बिरंगे फूलों से सजी घाटी की सुंदरता को निहारने के लिए इस बार विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जा रही है। वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 जून तक घाटी में 52 विदेशी पर्यटक पहुंच चुके हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि तक केवल 30 विदेशी सैलानी ही आए थे। बृहस्पतिवार को घाटी में 26 विदेशी पर्यटक पहुंचे, जिनमें से 19 रूस और 7 लिथुआनिया से थे। पर्यटन विभाग और वन अधिकारियों ने पर्यटकों से घाटी की प्राकृतिक विरासत और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की अपील की है। फूलों की घाटी को देखने के लिए हर साल हजारों सैलानी यहां पहुंचते हैं, लेकिन इस साल विदेशी सैलानियों की संख्या में आया उछाल उत्तराखंड पर्यटन के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  चारधाम यात्रा से गढ़वाल मंडल विकास निगम को मिली बड़ी सफलता..

वनक्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने कहा कि अब तक घाटी में कुल 3,428 पर्यटक पहुंच चुके हैं, जबकि पिछले साल 26 जून तक यह संख्या 3,324 थी। इस साल विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि घाटी में इन दिनों ब्लू पॉपी भी खिला हुआ है, जिसे ‘हिमालयी फूलों की रानी’ कहा जाता है। यह दुर्लभ फूल अगस्त तक खिलता रहता है और इसका नीला रंग घाटी की सुंदरता में चार चांद लगा देता है।

 

A photo

कमल सिंह चौधरी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *